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Visson


The need of the hour is to revive the spirit and values for which Mahamana founded the Banaras Hindu University for the present and coming generations on whom lies the onus of nation building. The emphasis in education would be on character building, patriotism and regard for India’s rich heritage and culture.

The mission intends to mobilize the talent and financial resources of the BHU Alumni for the all round development of their Alma Mater and Motherland. The Mission proposes to develop a roadmap – a detailed action plan for making India a powerful country in the world

Aims & Objectives


To propagate the ideals and thoughts of Mahamana Madan Mohan Malaviya.
To preserve and promote Indian Culture and tradition through various projects and Programmes.
To promote the values for which Malaviyaji created the Banaras Hindu University and to work for raising its
Stature as a leading International Centre of learning.
To build a strong national character in youth through education based on Indian cultural and moral values.

महामना मालवीय मिशन (1978-2014)


युग प्रवर्तक, महामानव पं० मदनमोहन मालवीय के धूमिल होते हुए आदर्शों, जीवन मूल्यों के पुनः संस्थापन के लिए नयी दिल्ली में वर्ष प्रतिपदा 9 अप्रैल 1978 को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों के राष्ट्रीय सम्मलेन में महामना मालवीय मिशन का जन्म हुआ I

इस सम्मलेन में निम्नलिखित प्रस्ताव पारित हुए-

"महामना पं० मदन मोहन मालवीय की पुण्य स्मृति से प्रेरित, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों का वर्ष प्रतिपदा 9 अप्रैल 1978 को धर्मभवन, नयी दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मलेन निर्णय लेता है कि महामना की प्रेरक स्मृति को चिरस्थायी बनाये रखने, उनके विचारों का प्रचार एवं प्रसार करने तथा राष्ट्र जीवन में उनके द्वारा प्रारम्भ किये गए शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक अभियान को आगे बढ़ाने के लिए महामना मालवीय मिशन की स्थापना की जाए I

"सम्मलेन यह संकल्प लेता है कि महामना मालवीय के जीवन आदर्शों एवं लक्ष्यों को चरितार्थ करने के लिए इस मिशन को एक सशक्त माध्यम के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जाएगा तथा सभी राज्यों एवं प्रमुख स्थानों पर इसकी इकाइयां खोली जाएंगी I"

सम्मलेन ने मिशन के प्रस्तावित संविधान-उद्देश्य एवं कार्यक्रम तथा नियम एवं प्रावधान को अपनी स्वीकृति प्रदान की I

मिशन के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए सम्मलेन में सर्वसम्मति से श्री बालेश्वर अग्रवाल को अध्यक्ष तथा श्री शान्ति स्वरुप चड्ढा को महामन्त्री निर्वाचित किया I अध्यक्ष को यह अधिकार दिया गया कि वह मिशन की कार्यसमिति को गठित करे जिसका स्वरुप सार्वदेशिक हो I

शिक्षा में भारतीयता का अभाव

महामना की हिन्दू संस्कृति में अटूट आस्था थी और वे उसके श्रेष्ठतम विचारों और मूल्यों का प्रचार तथा प्रसार चाहते थे I उन्होंने भारत की सासंकृतिक थाती को देखा था, उसकी गौरवपूर्ण परम्पराओं से प्रेरणा ली थी और भारतीय जनमानस में संकल्प, आत्मविश्वास, स्वाभिमान और भारतीयता के प्रति अनुराग पैदा करने का प्रयास किया था I वे युवकों में नैतिक मूल्यों का समावेश कर राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करना चाहते थे I आधुनिक शिक्षा में महामना को भारतीयता का जो अभाव दिखा था, उसकी पूर्ति के लिए ही उन्होंने हिन्दू विश्वविद्यालय की नींव रखी थी I

यह दुर्भाग्य की बात है कि स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद यह अभाव और भी बढ़ गया है I देश में नैतिक मूल्यों का तेजी से ह्यास हुआ है I हमारी पुरानी मान्यताएं टूट रही हैं I वस्तुतः मिशन का जन्म इन्हीं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का पुनः संस्थापन तथा महामना के सपनों को साकार करने के लिए हुआ है I

उदघाटन एवं पंजीकरण

मिशन का विधिवत उदघाटन सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक डा० आत्माराम ने 25 दिसम्बर 1979 को कोंस्टीट्यूशन क्लब में किया I डा० आत्माराम ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्रों का आहवाहन किया कि वे एक बार फिर महामना के दिखाए आदर्शों की प्राप्ति के लिए जुट जाएं और देश के अन्दर ऐसे वातावरण का निर्माण करें जिससे की महामना के सपनों के भारत का निर्माण हो सके I

सन १९७९ में महामना मालवीय मिशन का सोसायटी के अन्तर्गत विधिवत पंजीकरण हुआ और उसे आयकर की धारा ८०(जी) के अन्तर्गत आयकर में छूट की सुविधा भी मिल गयी I

इन सभी कार्यक्रमों में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति डा० हरिनारायण का पूरा सहयोग रहा I इस अवसर पर प्रकाशित स्मारिका के लिए प्रधानमन्त्री, रक्षा मन्त्री, हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति के सन्देश, लेख प्राप्त हुए I

25 दिसम्बर 1979 को नयी दिल्ली में मालवीय नगर पार्क में दिल्ली प्रशासन, दिल्ली नगर निगम, हिन्दी साहित्य सम्मलेन तथा मालवीय मिशन की ओर से महामना का 119वाँ जन्म दिवस समारोह मनाया गया जिसमें काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति डा० हरिनारायण ने महामना मालवीय जी के एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला I बाद में मिशन के कार्यकर्ताओं के साथ मिशन के भावी कार्यक्रम पर विचार विमर्श किया I कुलपति ने विश्वविद्यालय की ओर से मिशन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया I

वाराणसी में द्वितीय अधिवेशन

महामना मालवीय मिशन का द्वितीय अधिवेशन 11-12 अक्टूबर, 1980 को मालवीय भवन, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी में हुआ I अधिवेशन का उदघाटन कुलाधिपति काशी नरेश डा० विभूति नारायण सिंह के सन्देश से हुआ I अधिवेशन की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डा० हरिनारायण ने की I अधिेवशन में लगभग 250 छात्रों, अध्यापकों, महामना प्रेमियों तथा देश के विभिन्न भागों से आये पूर्व छात्रों ने भाग लिया I

अधिवेशन में 'सर्वांगीण ग्रामीण विकास', 'तकनीकी सलाहकार सेवा', 'सांस्कृतिक, धार्मिक साहित्य एवं श्रव्य- दृश्य साधन निर्माण एवं 'पुस्तक बैंक' विषयों पर विचार गोष्ठियों का आयोजन किया गया I

खुले अधिवेशन में स्वागत समिति के अध्यक्ष डा० के. एन. उडुप्पा ने महामना के प्रेरणादायक जीवन पर प्रकाश डालते हुए लोगों से उनके जीवन मार्ग से मार्ग दर्शन लेने की अपील की I महामना की इच्छा थी कि हमारे छात्र प्राचीन शास्त्रों का अध्ययन करें I उन्होंने कहा कि महामना को पुष्पांजलि देने से ज्यादा महत्व उनके उपदेशों पर चलना है I अधिवेशन के अध्यक्ष कुलपति डा० हरिनारायण ने अपने ओजस्वी भाषण में महामना के जीवन से उनकी निर्भीकता तथा स्वदेश प्रेम को ग्रहण करने का आह्वान किया I उन्होंने ने कहा कि देश की समृद्धि तभी होगी जब हम विघटनात्मक शक्तियों के नियंत्रण के लिए एकजुट होकर रचनात्मक जीवन पद्धति अपनाएं और लोकसंग्रह के कार्य को गति दें I

मिशन के अध्यक्ष श्री बालेश्वर अग्रवाल ने कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य में मालवीय जी के आदर्शों एवं विचारों की समसामयिकता बढ़ गयी है I उन्होंने हर दिशा में मिशन की भूमिका बतायी और उसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला I

मिशन की साधारण सभा की बैठक में श्री बालेश्वर अग्रवाल को अध्यक्ष, श्री पन्नालाल जायसवाल को महामन्त्री एवं श्री अम्बरीष गुप्त को कोषाध्यक्ष चुना गया I

संगठन का विस्तार

मिशन के वाराणसी अधिवेशन के विभिन्न भागों में मिशन की शाखाएं खुलने लगी I दिल्ली, वाराणसी के बाद मिशन की तीसरी शाखा का 25 दिसम्बर 1980 को लखनऊ में उदघाटन हुआ I समारोह के मुख्य अतिथि थे एच. ए. एल., लखनऊ के महाप्रबन्धक विंगकमांडर श्री एच. के. सिंहI धीरे-धीरे मिशन की शाखाएं बम्बई, रांची, धनबाद, भिलाई, गाजियाबाद,जगाधरी, अलीगढ, अनपारा, अहमदाबाद, पुणे, हजारीबाग, हैदराबाद तथा देश के अनेक अन्य नगरों में स्थापित हो गयी I

लखनऊ में तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन

मिशन का तीसरा राष्ट्रीय अधिवेशन लखनऊ में 9-10 अक्टूबर 1982 को हुआ I यह अधिवेशन अविस्मरणीय रहेगा I इस समारोह की भव्यता को मंच पर कई विभूतियों के एक स्थान पर उपस्थिति ने और भी बढ़ा दिया था I उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री श्रीपति मित्र के अतिरिक्त खाद्य तथा आपूर्ति मंत्री श्री वासुदेव सिंह, हिन्दू विश्वविद्यालय के भूतपूर्व कुलाधिपति डा० कर्ण सिंह, डा० शिव मंगल सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति डा० रत्न शकेर मिश्र, प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रो० गोविन्द वल्लभ पन्त, हिन्दुस्तान एरोनोटिक्स के प्रबन्ध निदेशक श्री एच. के. सिंह मंच पर उपस्थित थे I उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री श्री श्रीपति मिश्र ने अधिवेशन का उदघाटन किया I उन्होंने अपने उदबोधन में देश में बढ़ती हुई पृथक्करण की भावना तथा नैतिक मूल्यों के ह्यास पर चिन्ता व्यक्त की I महामना के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए श्री मिश्र ने कहा कि वे महामानव थे I उनकी दृढ़ता, संकल्प शक्ति अनुकरणीय है I उनका अन्दर बाहर एक रूप था I वे सत्य के पुजारी थे और सच्ची बात साहस से प्रस्तुत करते थे I वे किसी वर्ग विशेष के न होकर सभी के लिए बराबर थे I कर्मकांडी होते हुए भी उन्होंने गंगा तट पर अछूतोद्धार किया, अस्पृश्यों को गले से लगाया और रूढ़िवादियों का साहस से सामना किया I उनके आदर्शों पर चलने से ही देश आगे बढ़ सकेगा I

डा० कर्ण सिंह ने अपने ओजस्वी भाषण में कहा कि महामना असाधारण विभूति थे जिन्होनें मानवता की गंगा, राष्ट्रीयता की जमुना एवं सामाजिकता की सरस्वती का अपने कृतित्व में संगम उपस्थित किया I

'सेक्युलेरिज्म' की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सिंगापुर में पांच धर्म के अनुयायी हैं और वहां के स्कूलों में उन्हें अपने धर्म की शिक्षा देने का समुचित प्रबन्ध है I भारत में हमने धर्म निरपेक्षता का अर्थ 'धर्म विहीनता लगाया है I अगर धर्म नहीं, तो जीवन मूल्य, सदाचार कहां से आयेगा I हम बाहर के दुश्मनों का मुकाबला सैन्य शक्ति से कर सकते हैं पर इस आन्तरिक मूल्यहीनता, एवं भ्रष्टाचार जैसे कैंसर का मुकाबला कैसे कर सकेंगे I

प्रो० गोविन्द बल्लभ पन्त ने कहा कि हिन्दू विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों पर महामना की छाप है I हमारे छात्र देश विदेश में उच्च पदों पर आसीन हैं I आवश्यकता इस बात की है कि ऐसे सभी छात्रों की सूची तैयार की जाए और विश्वविद्यालय की इस छात्र बिरादरी को प्रभाव शक्ति के रूप में संगठित किया जाए I

अधिवेशन में महामना मालवीय वाड्मय प्रकाशित करने, इतिहास की पुस्तकों में महामना के योगदान को समाविष्ट करने, महामना के जन्म दिन पर मालवीय जयन्ती मनाने, महामना के जन्मस्थल 'भारतीय भवन' को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने सम्बन्धी प्रस्ताव स्वीकृत हुए I हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थिति में सुधार लाने पर विचार करने के लिए प्रो० पन्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया I

इस अधिवेशन में मिशन की सदस्यता का द्वार उनके लिए भी खोल दिया गया जो विश्वविद्यालय के छात्र नहीं हैं पर महामना के आदर्शों में श्रद्धा रखते हैं और उसके लिए कार्य करने को तैयार हैं I मिशन की नयी शाखाओं को खोलने सम्बन्धी नियमावली इस अधिवेशन में स्वीकृत की गयी I

मिशन की साधारण सभा में आगामी तीन वर्षों (1982-85) के लिए श्री बालेश्वर अग्रवाल को अध्यक्ष, श्री पन्नालाल जायसवाल को महामंत्री तथा श्री अम्बरीष गुप्त को कोषाध्यक्ष चुना गया I

हरिजन विद्यालय का विकास

सन 1982 में लखनऊ शाखा ने 1935 में महात्मा गांधी द्वारा उदयगंज में स्थापित हरिजन पाठशाला को अंगीकृत कर उसके विकास का कार्यक्रम शुरू किया I विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए धन संग्रह कर सन १९८५ नये कमरों का निर्माण तथा क्षतिग्रस्त कमरों की मरम्मत की गयी I विद्यालय के पाठ्यक्रम में भी गुणात्मक परिवर्तन लाने की कोशिश की गयी I गरीब छात्रों की सहायता के लिए पुस्तक बैंक की भी स्थापना की गयी I इसके अतिरिक्त हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स के निकट शेखपुर कसैला ग्राम में मालवीय शिक्षा केंद्र चलाया गया जिसमें बच्चों को निशुल्क शिक्षा के अतिरिक्त उन्हें समय-समय पर गरम कपडे, पुस्तकें, कापी, आदि दी गयी I इन्दिरा नगर में सन 1985 में मिशन की लखनऊ शाखा ने कुष्ठ रोगियों के 15 स्वस्थ बच्चों के लिए महामना बाल निकेतन की स्थापना की जहां उनका लालन पालन और प्रशिक्षण हो रहा है I

मिशन प्रेरित प्रकल्प

सन 1982 में मिशन के संस्थापक सदस्य श्री महेश शर्मा ने श्री अशोक भगत तथा अपने अन्य साथियों के साथ आदिवासी क्षेत्र बिशुनपुर जिला गुमला (झारखंड) में विस्तृत सर्वेक्षण कर अगले वर्ष विकास भारती कार्यक्रम प्रारम्भ किया I इसके अन्तर्गत उन्नत कृषि के तरीकों के उपयोग, किसानों को उचित दर पर बीज, खाद, औजार, दवा उपलब्ध कराना, वृक्षारोपण एवं वन संरक्षण, बायोगैस का प्रयोग, कृषियंत्र विकास, अनौपचारिक शिक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षण एवं सरल चिकित्सा, जड़ी बूटियों की खेती, निर्धूम चूल्हा, फल संरक्षण, ग्राम्य संगठन एवं सांस्कृतिक विकास के कार्यक्रम प्रारम्भ किये गये Iसन 1983 में मिशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा० जगमोहन गर्ग ने गाजियाबाद के छिजारसी गांव में ग्राम भारती शिक्षण संस्थान की स्थापना की I इसका मूल उद्देश्य है गावों का सर्वांगीण विकास I ग्रामीण युवकों में आत्म निर्भरता, स्वावलम्बन स्वाभिमान की भावना भरना जिससे वे गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन न करें I ग्राम भारती का शिक्षण कार्यक्रम इन्हीं बातों को ध्यान से रखकर तैयार किया गया है I सन 1985 में ग्राम भारती शिशु मन्दिर प्रारम्भ हो गया I किसी शिक्षण व्यवस्था की सफलता उसके आचार्यों पर निर्भर करती है I अतः ग्राम भारती ने आचार्यों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्राथमिकता दी I सामान्य शिक्षा के साथ ग्राम भारती में कृषि, बागबानी एवं गोपालन पर जोर दिया गया है I

भुवनेश्वर में चतुर्थ राष्ट्रीय अधिवेशन

मिशन का चौथा राष्ट्रीय अधिवेशन भुवनेश्वर में 12-13 फरवरी 1986 को आयोजित हुआ I अधिवेशन का उदघाटन उड़ीसा के राज्यपाल श्री विश्वम्भरनाथ पांडे ने किया I मुख्य अतिथि थे उड़ीसा के मुख्यमंत्री एवं हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र श्री जानकीवल्लभ पटनाइक I

राज्यपाल श्री विश्वम्भरनाथ पांडेय ने महामना को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान, 1918 में सेन्ट्रल असेम्बली में औद्योगिक नीति पर उनका भाषण, 1931 में हरिजनों के पृथक्करण के लिए 'कम्यूनल एवार्ड' की वापसी, हरिजन सेवक संघ की स्थापना, नोआखाली के दंगों में जिन हिन्दू स्त्रियों के साथ बलात्कार और उनका बलात धर्म परिवर्तन किया गया था, उनकी हिन्दू धर्म में बाइज्जत वापसी जैसे कितने ही मामलों में उनका निर्णय, उनकी महानता को दिग्दर्शित करता है I भारत पर मालवीय जी का ऋण बहुत बड़ा है I मुख्यमंत्री श्री पटनाइक ने भी उनके जीवन के अनेक संस्मरण सुनाये और सभी से हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक उस महातपस्वी के आदर्शों का अनुकरण करने की अपील की I धन्यवाद ज्ञापन दैनिक संवाद के संपादक, अधिवेशन के संयोजक एवं मिशन के मन्त्री श्री सौम्यरंजन पटनाइक ने किया I

इस अवसर पर शिक्षा के माध्यम से नैतिक मूल्यों का पुनः संस्थापन विषय पर विचारगोष्ठी का भी आयोजन किया I गोष्ठी का उदघाटन उड़ीसा के शिक्षा मन्त्री श्री जे. एन. महापात्र ने किया और उसमें मयूरभंज के महाराज श्री पी. के. भंजदेव, प्रो. सी. एस.महापात्र, प्रो. प्यारे लाल मोहन्ती, डा० छत्रपति पटनाइक, एस. सी. इ.आर.,टी. के डायरेक्टर डा० एस. सी. दश, श्री त्रिलोचन मिश्र, श्री हरिहर श एवं श्री बांके बिहारी दास, आदि ने भाग लिया I गोष्ठी के लिए उड़ीसा के भूतपूर्व मुख्य मन्त्री श्री हरेकृष्ण मेहताब का भी विचारोत्तेजक सन्देश प्राप्त हुआ I

मिशन की साधारण सभा की बैठक में मिशन का वार्षिक सदस्यता शुल्क बढ़ाकर 25 रुपया तथा आजीवन सदस्यता शुल्क 250 रुपया कर दिया गया I बैठक में महामना के प्रयाग स्थित जन्म स्थान का अधिग्रहण कर उसे राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित करने तथा हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा 1987 में वसन्त पंचमी के दिन पूर्व छात्रों का सम्मेलन आयोजित करने सम्बन्धी प्रस्ताव भी स्वीकृत हुए I अधिवेशन में अगले तीन वर्षों के लिए (1986-87) सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रो० गोविन्द बल्लभ पन्त अध्यक्ष, श्री पन्नालाल जायसवाल महामन्त्री तथा श्री अम्बरीष गुप्त कोषाध्यक्ष चुने गये I

15 नवम्बर 1987 को मालवीय मिशन की रांची शाखा की बैठक हुई जिसमें रांची के राजघराने के श्री सहदेव जी, महिला कॉलेज की प्राधानाचार्य श्रीमती प्रसाद, सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता श्री श्रीशंकर तिवारी तथा एच. इ. सी. और मेकॉन के इंजीनियर उपस्थित थे I

इस बैठक में यह निश्चय किया गया कि मालवीय मिशन 'विकास भारती' बिशुनपुर के साथ मिलकर महामना मालवीय बुनियादी ग्राम तकनीकी केन्द्र चलायेगा I इसी बैठक में मिशन का आगामी अधिवेशन रांची में करने के लिए केन्द्र से अनुरोध करने का निर्णय किया गया I

रांची में पाँचवा राष्ट्रीय अधिवेशन

मिशन का पाँचवा राष्ट्रीय अधिवेशन 30-31 दिसम्बर 1988 को राँची में सेन्ट्रल माइनिंग, प्लानिंग एंड डिज़ाइन इंस्टीट्यूट (सी. एम. पी. डी. आई.) के सहयोग से आयोजित हुआ I इस अधिवेशन में दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, गुमला, भुवनेश्वर एवं राँची के लगभग 100 प्रतिनिधियों ने भाग लिया I

अधिवेशन का उदघाटन बिहार के राज्यपाल श्री गोविन्द नारायण सिंह को करना था परन्तु अन्तिम घडी में कुछ व्यवधान उत्पन्न होने के कारण वे राँची नहीं पहुँच सके I 30 दिसम्बर को अपरान्ह में एन. टी. पी. सी. के अध्यक्ष श्री अनिरुद्ध कुमार शाह की अध्यक्षता में ग्रामीण निर्धनों के विकास में विज्ञान एवं तकनीकी का प्रयोग विषय पर परिचर्चा हुई जिसमें सी. एस. पी. डी. आई. के निदेशक श्री महीप सिंह, रांची विश्वविद्यालय के भूतपूर्व कुलपति डा० रामदयाल मुंडा, रामकृष्ण आश्रम के स्वामी आत्मविद्यानन्द, विकास भारती के संस्थापक सचिव डा० महेश शर्मा आदि ने भाग लिया I बाद में साधारण सभा की बैठक में इस विषय पर संकल्प प्रस्ताव स्वीकृत किया गया I इस प्रस्ताव के प्रमुख बिन्दु थे- ग्रामीण निर्धनों के विकास में विज्ञान एवं तकनीकी का प्रयोग, ग्रामीणों की साक्षरता ही नहीं, उन्हें ऐसी शिक्षा दी जाय जिससे वे गावों में रहते हुए अपने जीवन को सही दिशा दे सकें I विकास योजना के ऊपर से नहीं बल्कि गांव की बुनियादी इकाई पर आधारित हो तथा प्राकृतिक साधनों के उपयोग में आम आदमी की समान हिस्सेदारी I

अधिवेशन का खुला सत्र 31 दिसम्बर को सी. एस. पी. डी. आई. के मुख्य सभागार में श्री ए. के. शाह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई I बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डा० हरेराज मिश्र मुख्य अतिथि थे I उन्होंने अपने उदबोधन में कहा कि महामना ने शिक्षा को राष्ट्र प्रेम से जोड़ दिया था I उनका कहना था कि शिक्षा के माध्यम से ही राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण सम्भव है I उन्होंने देश में जो चेतना जगायी थी वह बाद में लुप्त हो गयी I मालवीय मिशन ने इस कार्य को हाथ में ले लिया है I मैं मिशन की सफलता की कामना करता हूँ I

डा० मिश्रा ने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के साथ कृषि उत्पाद पर आधारित उद्योगों के विकास पर जोर दिया I

श्री ए. के. साह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि ग्रामीण पुनर्निर्माण योजना स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल और व्यावहारिक हो I हमारा कार्य प्रशासन के कार्य का अनुपूरक हो I मिशन की स्थापना महामना के जीवन आदर्शों के प्रचार-प्रसार के लिए हुई है, अतः अपने सारे कार्यकलाप महामना के आदर्शों के अनुरूप ही होने चाहिए I

मिशन की साधारण सभा की बैठक में अगले तीन वर्षों (1988-91) के लिए श्री ए. के. साह अध्यक्ष, श्री पन्नालाल जायसवाल महामन्त्री तथा डा० अम्बरीष गुप्त कोषाध्यक्ष चुने गये I अध्यक्ष ने कार्यकारी सचिव के रूप में एक नए पद का सृजन करते हुए श्री प्रभु नारायण श्रीवास्तव (लखनऊ) को यह दायित्व सौंपा I

सोनभद्र में व्यापक सेवा कार्य

राँची अधिवेशन के बाद अगले तीन वर्षों में बिहार तथा उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में मिशन के कार्य का तीव्रता से विस्तार हुआ I मांडर (रांची) में महामना बुनियादी ग्राम तकनीकी केन्द्र का शुभारम्भ हुआ I यहां जनजातीय महिलाओं एवं किसानों व कारीगरों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण का कार्यक्रम रखा गया I राँची में बाल विकास के लिए 'एकलव्य प्रोजेक्ट' का शुभारम्भ हुआ जिसमें पिछड़ी जातियों के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी I मिशन की ओर से छोटा नागपुर जन जातीय क्षेत्र में सामाजिक, आर्थिक दृष्टि से पिछड़े युवक युवतियों के लिए बुनियादी ग्राम तकनीकी विद्यालयों के स्थापना की योजना है I बिशुनपुर, मांडर, टुण्डी में विद्यालय प्रारम्भ हो गये हैं I

सन 1989 में धनबाद में सी. एम. आर. एस. के निदेशक डा० भगवन्त सिंह की अध्यक्षता में मिशन की शाखा का गठन हुआ I बिहार में रांची, बिशुनपुर, हजारीबाग, माण्डर में मिशन की शाखाएं पहले से ही सक्रीय हैं I

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनजातीय अंचल में इस बीच मिशन के कार्य का काफी विस्तार हुआ I 12 जनवरी 1988 को मालवीय मिशन की अनपारा शाखा की स्थापना हुई I अनपारा परियोजना के महाप्रबन्धक श्री एस. बी. सिंह इसके संरक्षक बने I इस शाखा ने शीघ्र ही मिर्चाधुरी में मालवीय ग्रामीण विद्यालय प्रारम्भ किया I एक निशुल्क चिकित्सा केन्द्र खोला गया जिसमें प्रतिदिन एक पूर्ण कालिक चिकित्सक द्वारा 50-100 मरीजों तक का उपचार किया जाता है I निर्धन लोगों के लिए वस्त्रकोश एवं औषधि-निधि की भी व्यवस्था की गयी है I इस शाखा की ओर से डा० भीम राव अम्बेडकर एवं सामाजिक समरसता विषय पर व्याख्यान माला का भी आयोजन किया गया I

सोनभद्र की ओबरा शाखा प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र चला रही है I असमर्थ एवं निर्धन बच्चों की उच्च शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता दी जाती है I ग्राम क्षरहरा में सरकारी विद्यालय है पर कोई अध्यापक जाता नहीं है I मिशन इस विद्यालय में पूरी व्यवस्था कर रहा है I इसके अतिरिक्त मिशन एक होम्योपैथिक चिकित्सालय चला रहा है और दूर आदिवासी क्षेत्रों से चारपाई पर गम्भीर अवस्था में लाये जा रहे मरीजों के लिए 300 रूपये सेक्युरिटी जमा कर उन्हें ओबरा थर्मल परियोजना के अस्पताल में चिकित्सा की व्यवस्था करता है I

शक्तिनगर, सिंगरौली में मालवीय संस्कार केन्द्र की स्थापना की गयी है I इस केन्द्र में शिशु एवं प्रथम कक्षा में 70 निर्धन छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं I शिक्षकों पर होने वाला व्यय मिशन द्वारा दिया जाता है I अगस्त 1990 से यह केन्द्र विवेकानन्द विद्यालय परिसर में चलाया जा रहा है I

मिशन की अनपारा शाखा ने 8-12 तक की कक्षाओं के निर्धन छात्रों की निशुल्क पढ़ाई की व्यवस्था की है I जुलाई 1988 से मिर्चाधुरी में महामना बाल निकेतन प्रारम्भ किया गया I ग्राम लोडरा में पानी की कमी को दूर करने के लिए हैन्ड पम्प लगाया गया और वहाँ के विद्यालय का पुनर्निर्माण कराया गया I उपर्युक्त ग्रामों में प्रतिवर्ष जाड़े के पूर्व पुराने ऊनी कपडे भी बांटे जाते हैं I

वाराणसी में सन 1991 में डी. एल. डब्ल्यू. मोतीझील के पीछे तुलसीपुर सेवा बस्ती में एक प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र एवं चिकित्सा सेवा केन्द्र शुरू किया गया I

सन 1988-90 की अवधि में रांची में जून 1990 में रामकृष्ण मिशन तथा अन्य स्वैच्छिक संस्थाओं के सहयोग से राष्ट्रीय पंचायत की स्थापना की गयी | धनबाद के टुण्डी ग्राम में क्षेत्रीय विकास शिविर लगाया गया I उत्तर प्रदेश में हरदुआगंज, पनकी, कानपुर, तथा हरियाणा में हिसार में मिशन की नयी शाखाएं खोली गयी I

मिशन की दिल्ली शाखा ने 9 मई 1990 को हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री डा० के. पी. भटटराय के सम्मान में दिल्ली में स्वागत समारोह का आयोजन किया I

हिन्दू विश्वविद्यालय के अमृत महोत्सव वर्ष में मिशन ने महामना के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर 13 एपिसोड का सीरियल बनाने और इस अवसर पर दिल्ली में विशाल समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया

वाराणसी में छठा राष्ट्रीय अधिवेशन

मिशन का छठा राष्ट्रीय अधिवेशन 19 जनवरी 1991 को मालवीय भवन (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय), वाराणसी में आयोजित हुआ I विश्वविद्यालय के कौस्तुभ जयन्ती की पूर्व संध्या पर आयोजित इस समारोह में कुलाधिपति महाराजा विभूति नारायण सिंह ने विश्वविद्यालय की बिगड़ती हुई स्थिति पर चिन्ता व्यक्त की और न्यायाधीश या किसी शिक्षाविद की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित करने की सिफारिश की I उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मालवीय मिशन विश्वविद्यालय को महामना के सपनों को साकार करने के लिए प्रयत्नशील है I

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डा० आर. पी. रस्तोगी ने, जिन्हें विश्वविद्यालय में अनुशासन तथा शान्ति स्थापित करने का श्रेय जाता है, विश्वविद्यालय के वर्तमान एवं पूर्व छात्रों तथा अध्यापकों से महामना के दिखलाये राह पर चलने की अपील की I उन्होंने कहा मैं जब भी हिन्दू विश्वविद्यालय में प्रवेश करता हूँ तो यहाँ के धार्मिक, सात्विक वातावरण में खो जाता हूँ I यह शायद उस महाऋषि की तपोभूमि की मिटटी का प्रभाव है I हम महामना के जीवन आदर्शों के प्रति अपने को समर्पित कर दें I

अधिवेशन के अध्यक्ष श्री ए. के. साह ने स्वतन्त्रता संग्राम में हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्रों के योगदान की याद दिलायी और कहा कि हम देश कि वर्तमान संकट की घड़ी में उसी प्रकार अपनी भूमिका निभाएं I इस अवसर पर न्यायमूर्ति श्री सी. डी. पारिख एवं प्रो० के. पी. सिंह ने भी अपने विचार रखे I

मिशन की साधारण सभा की बैठक में निम्नलिखित प्रस्ताव स्वीकृत हुए I प्रथम प्रस्ताव में विश्वविद्यालय अधिकारीयों से अपील की गयी कि दानदाताओं की भावनाओं का ध्यान रखते हुए महामना को विश्वविद्यालय के लिए दी गयी भूमि, भवनों को विश्वविद्यालय बिक्री न करे बल्कि उसका उपयोग महामना के आदर्शों-विचारों के प्रचार हेतु, मालवीय शिशु मन्दिर, मालवीय संस्थान आदि के निमित्त करे I

दूसरे प्रस्ताव में सन 1963 में बन्द कर दिए गये आयुर्वेद महाविद्यालय को पुनः प्रारम्भ करने की मांग की गयी I

तीसरे प्रस्ताव में नेहरू मेमोरियल म्यूजियम की तरह ही मालवीय मेमोरियल म्यूजियम की स्थापना की अपील की गयी I चौथे प्रस्ताव में महामना मालवीय जी के सम्पूर्ण वांग्मय-संग्रह को प्रकाशित करने की अपील की गयी I

अधिवेशन में श्री अनिरुद्ध कुमार शाह अगले तीन वर्षों के लिए पुनः अध्यक्ष, डा० महेश शर्मा महामंत्री तथा डा० अम्बरीष गुप्त कोषाध्यक्ष चुने गये I

वाराणसी अधिेवशन के बाद मिशन की कुछ नयी शाखाएं खुलीं- मध्य प्रदेश में रीवाँ, हिमाचल प्रदेश में शिमला तथा जम्मू-कश्मीर में जम्मू I सन 1993 में स्थापना के बाद जम्मू शाखा बहुत जल्दी सक्रिय हुई, और उसने अगले वर्ष राष्ट्रीय अधिवेशन जम्मू में करने के लिए केन्द्र के सामने प्रस्ताव रखा I

वाराणसी में मिशन द्वारा हरिजनबहुल क्षेत्र शिवपुरवा, रानीपुर तथा भगवानपुर में शिक्षा केन्द्र प्रारम्भ किये गये I लोहता स्थित विद्यालय में दंगा पीड़ित हरिजन बन्धुओं में आत्मविश्वास जागृत करने के लिए सत्यनारायण कथा का आयोजन हुआ जिसके यजमान हरिजन दम्पति थे I बाद में कथा वाचक पंडित जी ने हरिजन बन्धुओं के साथ ही भोजन किया I

मालवीय मिशन के तत्वाधान में 18-19 जनवरी 1992 को ओबरा में एक कार्यःशाला का आयोजन किया गया जिसमें सोनभद्र जिले के सर्वांगीण विकास का कार्यक्रम तैयार किया गया I विकास कार्यक्रम के प्रथम वर्ष में 50 साक्षरता केन्द्र चलाने का निर्णय हुआ I

नयी दिल्ली में 2 अक्टूबर 1994 को हरिजन सेवक संघ के सहयोग से कस्तूरबा बालिका विद्यालय में मालवीय संस्कार केन्द्र की स्थापना हुई जिसमें दलित वर्ग की कन्याओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया I

विश्वविद्यालय में शान्ति स्थापना तथा शैक्षणिक वातावरण में सुधार के लिए मिशन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 10 सूत्रीय कार्यक्रम दिया जिसमें से कुछ को कार्यान्वित भी किया गया I

जम्मू में सातवां राष्ट्रीय अधिवेशन

मालवीय मिशन का सातवां राष्ट्रीय अधिवेशन 29-30 अक्टूबर 1994 को जम्मू में हुआ जिसमें देश के विभिन्न भागों से आये विश्वविद्यालय के पुरातन छात्रों तथा महामना प्रेमियों ने मानवीय मूल्यों के पुनः संस्थापन एवं सार्वजनिक जीवन में शुद्धता लाने का दृढ़ संकल्प लिया I

समारोह के मुख्य अतिथि जम्मू-कश्मीर के राजयपाल जनरल के. वी. कृष्णाराव ने कहा कि महामना ने देश की शिक्षा नीति को नयी दिशा दी I यह उनकी दूरदर्शिता का फल है कि आज भारत का वैज्ञानिकों, इंजीनियरों की संख्या की दृष्टि से संसार में तीसरा स्थान है I उन्होंने जम्मू में मालवीय शिक्षण संस्थान के लिए भूमि उपलब्ध कराने में सहायता का आश्वासन दिया I

हिन्दू विश्वविद्यालय के भूतपूर्व कुलपति, मिशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रो० रघुनाथ प्रसाद रस्तोगी ने लोगों से महामना के पदचिन्हों का अनुकरण करने की अपील की I उन्होंने कहा कि महामना मूल्यों पर आधारित जीवन चाहते थे I सार्वजनिक जीवन में शुद्धता, पारदर्शिता पर तो वे बहुत जोर देते थे I आज उनके आदर्शों एवं विचारों की समसामयिकता और भी बढ़ गयी है I

अधिवेशन में स्वीकृत प्रथम प्रस्ताव में समाज के शोषित, उपेक्षित वर्गों के लोगों को ऊपर उठाने, समाज में समरसता लाने के लिए देश में समता संस्कार केन्द्रों के माध्यम से शिक्षा, सेवा के व्यापक कार्यक्रम चलाने का संकल्प लिया गया I दूसरे प्रस्ताव में स्वदेशी जागरण अभियान चलाने का निश्चय हुआ I

मिशन की साधारण सभा में अगले तीन वर्षों (1994-97) के लिए प्रो० रघुनाथ प्रसाद रस्तोगी को अध्यक्ष, श्री प्रभुनारायण श्रीवास्तव लखनऊ को महामंत्री तथा श्री बलवीर कृष्ण चावला (नयी दिल्ली) को कोषाध्यक्ष चुना गया I

मिशन के जम्मू अधिवेशन के बाद उत्तर प्रदेश में गोरखपुर एवं ऊंचाहार में नयी शाखाएं खुली I गोरखपुर इंजीनियरिंग कालेज में 5 अगस्त 1997 को मिशन की शाखा का विधिवत उदघाटन मिशन के महामंत्री श्री प्रभुनारायण श्रीवास्तव ने किया I इंजीनियरिंग कालेज के प्रिंसिपल श्री बी. बी. लाल संरक्षक तथा श्री गोविन्द पांडेय, प्रवक्ता मिशन की गोरखपुर शाखा के संयोजक बनाये गये I

बी. एच. यू. एल्यूमनी असोसियेशन, चंडीगढ़ के श्री कुलदीप सिंह ने चंडीगढ़ में मिशन की शाखा स्थापित करने का आश्वासन दिया I

सन 1994 में जम्मू में महामना बालनिकेतन प्राथमिक विद्यालय की स्थापना हुई I विद्यालय एक अनाथालय में 32 छात्रों से शुरू किया गया I विद्यालय के लिए भूमि प्राप्त करने के लिए प्रयास हो रहा है I मिशन की बिशुनपुर शाखा ने विकास पंचायत के सहयोग से छोटा नागपुर जनजाति क्षेत्र में 100 पंचायतों में ग्रामीण प्रौद्योगिकी योजना के अन्तर्गत साबुन, चाक, कागज एवं अन्य कई प्रकार के घरेलु वस्तुओं के बनाने की विधि की शिक्षा दी I सोनभद्र के बीजपुर तापीय परियोजना की शाखा सरस्वती शिशु मन्दिर, मालवीय बाल मन्दिर, प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र, दूर दराज से रोगियों के साथ लाये वनवासी बंधुओं के लिए विश्राम गृह का संचालन कर रही है I

ऊंचाहार में मालवीय संस्कार केन्द्र की स्थापना की गयी जिसमें लगभग 50 निर्धन छात्रों को शिक्षा दी जा रही है I

मुम्बई में आठवाँ राष्ट्रीय अधिवेशन

मिशन का आठवाँ राष्ट्रीय अधिवेशन 26-27 सितम्बर 1998 में बी. एच. यू. पूर्व असोसियेशन के सहयोग से मुम्बई में आयोजित हुआ I विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों के अतिरक्त आई. आई. टी., भाभा एटोमिक एनर्जी रिसर्च सेन्टर के वैज्ञानिक बड़ी संख्या में समारोह में उपस्थित थे I मुख्य अतिथि एटोमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड के चेयरमैन प्रो० पी. रामाराव ने कहा कि विश्वविद्यालय के माध्यम से देश में विज्ञान-प्रौद्योगिकी के विकास में मालवीय जी का अप्रतिम योगदान है I ब्रिटिश सरकार ने तो देश में विद्यालयों की स्थापना इसलिए की थी कि उन्हें सरकार चलाने के लिए शिक्षित लोग मिल सकें I उन्होंने विज्ञान-प्रौद्योगिकी को बढ़ावा नहीं दिया I

मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो० आर. पी. रस्तोगी ने कहा कि हिन्दू विश्वविद्यालय अपने में एक अनुपम प्रयोग है, अन्य विश्वविद्यालयों की नकल नहीं I वैश्वीकरण की लहर के विपरीत उन्होंने पाश्चात्य देशों से उनके विकास के कुछ गुर लिए, जापान की औद्योगिक प्रगति से सीख ली और भारत को उसके ही मूल स्रोतों, मानव शक्ति के आधार पर देश के औद्योगिक विकास की रूप रेखा तैयार की I उन्होंने इस बात पर खेद प्रकट किया कि हमने विदेशों से उनकी कार्य संस्कृति से सबक नहीं लिया I इस अवसर पर सांसद श्री वेदप्रकाश गोयल, खादी ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन डा० महेश शर्मा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये I समारोह के प्रारम्भ में आई. आई. टी. के डाइरेक्टर प्रो० एस. पी. सुखात्मे ने सभी आगत प्रतिनिधियों का स्वागत किया I

मिशन के बढ़ते हुए कार्य, सम्पत्ति-देहनदारी, मिशन कि समस्त शाखाओं के आय-व्यय के एकीकरण तथा आय कर संबंधी समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए साधारण सभा की बैठक में मिशन की शाखाओं को वित्तीय स्वायतत्ता देने का निर्णय हुआ और इस संबंध में आगे कार्यवाही के लिए एक समिति का गठन किया गया I

सभा में आगामी तीन वर्षों (1998-2001) के लिए प्रो० आर. पी. रस्तोगी को पुनः अध्यक्ष, श्री प्रभुनारायण श्रीवास्तव को महामंत्री तथा श्री हरिशंकर सिंह को कोषाध्यक्ष चुना गया I

अम्बिकापुर में वर्ष 1998 में अभिनव विद्या निकेतन हायर सेकेन्डरी स्कूल का प्रबन्धन मालवीय मिशन ने स्वीाकर किया I इस विद्यालय का शैक्षणिक कार्यक्रम सुधारने और उसे मूल्यों पर आधारित करने का प्रयास किया जा रहा है I

रिहन्दनगर (सोनभद्र) शाखा तीन विद्यालय- खैरी में सरस्वती शिशु मन्दिर, डोड़हर में मालवीय शिशु मन्दिर और कोड़ार सिरसोति में मालवीय बालनिकेतन चला रही है I इसके अतिरिक्त एन. टी. पी. सी. से प्राप्त भवन में वनवासी क्षेत्र से आनेवाले मरीजों के सम्बन्धियों के विश्राम की भी व्यवस्था की जा रही है I

सन 2000 में डा० डी. के. उपाध्याय के प्रयास से बलिया में मिशन की शाखा प्रारम्भ हो गयी I

विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों का अन्तर्राष्ट्रीय समागम

मालवीय मिशन के तत्त्वावधान में 15-16 जनवरी 2001 को हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों का प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय सम्मलेन आई. आई. टी. नयी दिल्ली के कॉन्वोकेशन हॉल में आयोजित हुआ जिसका उदघाटन भारत के प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया I

श्री वाजपेयी ने महामना के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए कहा कि महात्मा गांधी अपने को मालवीय जी का पुजारी मानते थे I उन्होंने कहा कि मुझे काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में पढ़ने का सौभाग्य नहीं मिला I हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र औरों से अलग दिखाई पड़ने चाहिए I

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे मालवीय मिशन के कार्यों से परिचित हैं I उन्होंने सबका आह्वान किया कि हम में से प्रत्येक को किसी न किसी सेवा कार्य से जुड़ना चाहिए I

सभा कक्ष समय से पूर्व ही खचाखच भर गया था और काफी संख्या में पूर्व छात्र हाल के बाहर ही रह गये I

इस अवसर पर मिशन अध्यक्ष प्रो० आर. पी. रस्तोगी की अध्यक्षता में 'राष्ट्र निर्माण में बी. एच. यू. का योगदान' विषय पर गोष्ठी का भी आयोजन हुआ I रात्रि में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ जिसमें सुप्रसिद्ध कलाकारों- श्री राजन-साजन मिश्र, पदमश्री शोभना नारायण, श्रीमती पूर्णिमा झा (अमेरिका) ने अदभुत समा बांध दिया I

अगले दिन प्रातः डा० कर्ण सिंह ने अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार 'भारत का अभ्युदय' का उदघाटन किया I संयोजक डा० महेश शर्मा ने 'अभ्युदय' शब्द की विषद व्याख्या की I डा० कर्ण सिंह ने कहा कि बीसवीं शताब्दी में शिक्षा पद्धति के अनेक प्रयोग हुए परन्तु महामना द्वारा खड़ा किया गया विद्या मन्दिर ज्ञान-विज्ञान का अनुपम प्रयोग है जो सभी दृष्टियों से पूर्ण है, जहाँ मनुष्य का सम्यक विकास सम्भव है I सेमिनार में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग चेयरमैन प्रो० हरि गौतम, डा० त्रयम्बकेश्वर धर द्विवेदी (केनेडा), डा० डब्ल्यू आल्फ्रेड (जर्मनी), डा० शंकर तत्ववादी (लंदन), प्रो० डी. पी. सिंह, डा० धर्मपाल मैनी आदि अनेक विद्वानों ने भाग लिया I

समागम में दिल्ली में 'महामना मालवीय स्मृति भवन' बनाने का निर्णय हुआ I यह भवन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों के अन्तर्राष्ट्रीय केंद्र के रूप में काम करेगा I

इस सम्मलेन में द्वितीय अन्तर्राष्ट्रीय समागम मुम्बई में सन 2004 में करने का निर्णय हुआ I

नागपुर में नौवां राष्ट्रीय अधिवेशन

Patrons


Sno Name Designation Address Comtact No & Email
01 Dr. Karan Singh Chief Patron MP & Chancellor, BHU3, Nyaya Marg, Chanakyapuri, New Delhi-110021 PH : 26115291, 26111744, karansingh@karansingh.com, presidenticcr.office@gmail.com
02 Justice Girdhar Malaviya Patron 26, A.N. JHA Marg, George Town, Allahabad – 211002 PH : 0532-2468664, 09415284633 gmalaviya@hotmail.com
03 Shri. Panna Lal Jaiswal Patron C-3, Gulmohar Park,New Delhi – 110049 PH : 26519734, 26514885, 8882828808 Pljaiswal5@gmail.com
03 Dr. B.K. Modi Patron 36, Modi House,Amrita Shergil Marg,New Delhi -110003 PH: 011-246229933 Drbkmodi@gmail.com

Executive Committee


S.No. NAME DESIGNATION ADDRESS CONTACT NO & E.MAIL ID
1 Dr. KARAN SINGH PATRON 3, NYAYA MARG ,
CHANAKYAPURI
NEW DELHI - 03
PH : 011-26115291/26111744
FAX: 26873171
karansingh@karansingh.com
2. Dr. BHISHMA NARAIN SINGH PATRON C-83,
UPKAR APARTMENT,
MAYUR VIHAR PH-I, DELHI-91
PH : 011-22712322, 9811107187
namita0224@gmail.com
3. Dr. BHUPENDRA KUMAR MODI PATRON MODI HOUSE, 36,
AMRITA SHERGIL MARG
NEW DELHI-110003
PH : 011-24633933, 24653269 drbkmodi@gmail.com
4. SH. PANNA LAL JAISWAL PATRON C-3, GULMOHAR PARK,
NEW DELHI-110049
PH: 8882828808
pljaiswal5@gmail.com
5. DR. SHANKAR VINAYAK TATWAWADI PATRON Dr. HEDGEWAR BHAWAN
MAHAL,NAGPUR-440032
PH: 09811820014, 07122723003 ,09373100895
svt_shankar@hotmail.com
svtatwawadi@gmail.com
6. JUSTICE (RETD.) GIRIDHAR MALAVIYA PRESIDENT 26, AN. JHA MARG,
GEORGE TOWN,
ALLAHABAD-211002
PH: 0532-2468664, 09415284633
gmalaviya@hotmail.com
7. MRS. VEENA MODI WORKING
PRESIDENT
MODI HOUSE, 36,
AMRITA SERGIL MARG,
NEW DELHI-110003
PH: 011-24633933
011-24633933, 24653269
veenamodi@gmail.com
8. DR. DEVENDRA PRATAP SINGH VICE PRESIDENT 76, SAKET NAGAR,BHU
VARANASI-221005
PH: 09335386770
dps1938@gmail.com
9. SH. RAM HARI TUPKARY VICE PRESIDENT 75, VIDYA VIHAR, RING ROAD
PRATAP NAGAR,
NAGPUR-440022
MOB: 0712-2284873, 09822222942
rhtupkary@gmail.com
10. SH. PRABHU NARAYAN SRIVASTAVA VICE PRESIDENT 1-339, VIJAYANT KHAND ,
PANI KI TANKI GOMTI NAGAR,
LUCKNOW - 226 010
PH: 09794894400
prabhuji.srivastava@gmail.com
11. SH. HARI SHANKAR SINGH SECRETARY-
GENERAL
A-95, HARI BHAWAN,
CHANDER VIHAR,
MANDAWALI, NEW DELHI-92
011-22476333,9868755059
hareesh singh48@yahoo.co.in
12. PROF. NEERJA SHUKLA SECRETARY A-101, VINAYAK APARTMENTS,
PLOT-36,
SECTOR-10, DWARKA,
NEW DELHI-75
9818281283
neerjashukla@yahoo.com
13. SH. GOVIND RAM AGARWAL SECRETARY 503 , SURYA ENCLAVE ,
12/129 INDRA NAGAR ,
LUCKNOW-223016
09450661587; 0522-2358446
govindram503@gmail.com
14. SH. JAI UPPAL SECRETARY B-10 FF,
SOUTH EXTENTION PART-2
NEW DELHI-110049
09811171121;
jaiuppal@gmail.com
15. Dr. VED PRAKASH SINGH SECRETARY C-114, FLAT NO 202
COUNTRY WIDE APARTMENT,
MOHAMMADPUR,
NEW DELHI -110077
9312693163
vpsingh.icmr@gmail.com
16. SH. GOVIND JETHALAL RAVAL SECRETARY H-20, EMPL COLLEGE ANSAL VILLA,
SATBARI NEW DELHI – 110 074
9717011559
govind.raval@gmail.com
17. SH. SHAKTIDHAR SUMAN TREASURER FLAT NO.-3029 SEC-B/4
NEW DELHI - 110070
9350250112, 9560002952
shaktidharsuman@gmail.com
MEMBERS
S.No. NAME ADDRESS CONTACT NO & E.MAIL ID
1. SH. SHAILENDRA GAIROLA E-161, SARITA VIHAR
NEW DELHI-110076
09313584636;
s_gairola@hotmail.com
2. PROF. CHANDRAKALA PADIA Vice Chancellor Maharaja Ganga Singh University
Bikaner-334004
07568288288
chandrakalapadia@gmail.com
3. DR. LALLAN PRASAD HOUSE NO.C- 140, SECTOR-19,
SECTOR-19,
(G.B. NAGAR) NOIDA-201301
09810990008
lallanpd@gmail.com
4. PROF. BB DHAR D-20, PAMPOSH ENCLAVE,
NEW DELHI – 110 048
9810979482, 26231970
profbbdhar@gmail.com
bbdhar@yahoo.com
5. SH. B.S. MATHUR H-42, F.F. GREEN PARK EXTN.
NEW DELHI-110016
PH: 9818131519
malaviyamission.bsmathur@gmail.com
6. SH. MOHAN LAL GUPTA H.NO 803, SAKSHAM APARTMENT
PLOT NO 40B, SECTOR – 10, DWARKA,
DELHI –110075
PH: 0191-2471835, 9899072632
7. SH. J.P. LAL N-8/200, B-3 , MAA BHAGIRTHI NAGAR ,
SUNDERPUR , VARANASI - 221005
VARANASI - 221005
Mob: 0542-2317362, 09336910691
jplalbhu@yahoo.com
8. SH. H.S. TRIPATHI SHITLAWARD ,
SRI RAM HOSPITAL CAMPUS
PO AMBIKAPUR ,
SERGUJA,CHHATTISGARH-497001
MOB:09926133956, 07587004239
sujeet_tripathi@hotmail.com
9. SH. G.M. KAPUR 4-C, CHAPPEL ROAD,
HASTINGS ,
KOLKATA - 022
033-22230166,(R)
gm.kapur@gmail.com
10. SH. K.K. PRASHAR 52/29, VASHIST MARG, MANSAROVAR,
JAIPUR, RAJASTHAN - 302001
PH; 09414716600, 01412780370
kkparashar08@rediffmail.com
kkparashar08@gmail.com
11. SH. SURENDRA KHURANA B-101 RAJDHANI APARTMENT, 80 IP EXT.
NEW DELHI-110092
09810039977
orbitindia@vsnl.com
12. Dr. ARUN KUMAR SINGH A-32/3,DDA FLATS, SFS. SAKET,
NEW DELHI-17
Mob : 9891598914
aksingh1@hotmail.com
13. Cdr. (RETD) B.K.JAYASWAL S-2 /C-58 DEFENCE COLONY,
DEHRADUN (UK)-248012
09358107601
balkrishanjayaswal@gmail.com
14. SH. MRITUNJAY KUMAR PANDAY 3D, JANKI KUTEER APARTMENTS,
VATIKAPURI , AMBEDKARPATH
RUKUNPURA, PATNA-14
09430955097
pandeymritunjay@gmail.com
15. SH. J.P.N.SINGH TYPE –III QUARTER NO. 67, ANAPA
PROJECTS COLONY ANPARA, DISTT
SONEBHADRA UP
09415901040
jpnsingh53@yahoo.com
16. SH. BIPIN KISHORE SINHA LANE NO.8-C, PLOT NO-78
MAHAMANAPURI EXTENTION,
P.O.BHU, VARANASI-221005
09453048625
bipin.kish@gmail.com
17. SH. RAJESH VAISH D II 62, KAKA NAGAR,
NEW DELHI 110003
08800486262
rajesh.vaish@gmail.com
18. SH.SANJAY SRIVASTAVA
NEW DELHI 110003
08800486262
rajesh.vaish@gmail.com
19. SH. ASHUTOSH SINGH S-38, TYPE-IV, HUDCO PLACE ,
ANDREWS GANJ , NEW DELHI-49
9999611712
bhu.ashutosh@gmail.com
20. SH. JITENDRA NARAYAN SINGH SP-22, PANDAV NAGAR,
DELHI – 110092
9891104341,9523098866
awake4india@gmail.com
BRANCHES - GENERAL SECRETARY
MMM BRANCHES - CENTRAL EXECUTIVE COMMITTEE (2015-2018)
21. SH. ANIMESH SAXENA 21, KAILASH APARTMENT
IP EXTENSION, DELHI – 110 092
9810119435
saxena@neetee.com
22. SH A.K. RASTOGI 502, RAINBOW CHAMBERS,SV ROAD ,
NEAR MTNL, KANDIWALI (W),MUMBAI-400067
9820039660,9004012557
ajitrastogi2003@yahoo.com
23. SH. VIDHU GAIROLA 51/3, HARDWAR ROAD
DEHRADUN -248001
9997117886
vidu.gairola@gmail.com
24. Dr. UPENDRA TRIPATHI VED BHAWANAM ,B-1/150,E-1
VARNASI-221005
09452563991
drupendrabhu@gmail.com
25. SH. RAJKUMAR AGARWAL 2,GANGA BAGH COLONY
LANKA,VARANASI-221005
09838950346
rajku38@gmail.com
26. SH. RANJEEV TIWARI FLAT : -E 1-807 SNN RAJ SERENITY
YELENHALLI, BEGUR –KOPPA MAIN ROAD
BANGALORE- 560068
09731525522
ranjeev.tiwari@gmail.com
27. SH. SUPERNASENGUPTA # P-2 UNIVERSITY CAMPUS ,PT.RAVI SHANKAR
SHUKLA UNIVERSITY RAIPUR-492010
09425228456
supersengupta61@gmail.com
28. SH. SUNIL KUMAR 3AE-16,OBRA THERMAL POWERPROJECT
OBRA,DISST:SONEBHADRA -231219
09415900792
sunilkumar2474@gmail.com
29. SH. D.K. SINGH TYPE-IV ,119,ANPARATHERMAL POWER PROJECT
COLONY ANPARA,SONEBHADRA-231225
09415900792, 09415900182
dhirendrak71@yahoo.com
30. SH. S.K. PANDEY GAURIBHAWAN SANGAM CHAWK DEVGANJ
ROAD DISTT. SARGUJA ,CHHATISGARGH-497001
09425547474
31. SH. R.N. VERMA V-15,NEHRU ENCLAVE ,GOMTI NAGAR,
LUCKNOW -226010
09415115003
vramendra49@gmail.com
32. SH. VIJAY NATH PANDEY B-30/237D-1, NAGWA ;PO LANKA
VARANASI-221005
09450583603
mmmbhuunit@gmail.com
SPECIAL INVITEES CENTRAL EXECUTIVE COMMITTEE (2015-2018)
1. Dr. U.P. SHAHI NEW E-10, JODHPUR COLONY
BHU CAMPUS, BHU, VARANASI-221005
09450592811
shahiuday@gamil.com
2. SH. ASHOK MEHTA 21, MUIR ROAD, TV TOWER CROSSING ,
ALLHABAD-211001
09415235726
gaganadvocate@gmail.com
3. SH. GORAKH NATH GPO-5615, ANAMNAGAR KATHMANDU,
NEPAL
gnyogacharya@hotmail.com
4. SH. DC GUPTA 205, STERLING ESTATE, RAM CHANDRA LANE EXTN
KANCHPADA, MALAD (WEST), MUMBAI – 400064
09322215192
dcgupta51@gmail.com
5. SH. H. SRINIVAS SASTRY F-401,SURAJ GANGA SOCRATES APPT OPP.
KANAKARA MAIN ROAD , VAJARAHALLI
BANGALORE-560062
09448290305
hssastry@gmail.com

Annual Report

Secretary General’s Report – AGM on 21st Sept. 2014


Welcome to all of you at this AGM on 21st Sept. 2014.

The year passed by with a number of important and unique activities with support, guidance and blessings of our highly respected President Shri Bhism Narain Singh ji.

With the dedicated efforts by our Secretary (Organization), Shri R. N. Verma and many other senior members e.g. Shri Prabhu Narain Srivastava, Shri Hari Shanker Singh and many others, we now have 12 formal branches in different parts of the country, which was 7 at the previous AGM meet on 22nd Sept 2013. We shall continue efforts to increase this to much larger number in the next few years.

Office management and Administration function at the Mahamana Malviya Mission, Central Office is being managed very well by our Secretary (Admn. and Office Mgt.), Ms. Neerja Shukla.

Our Patron Shri P. L. Jaiswalji has been working with full vigour as ever, age is not a barrier to him. Due to his efforts we have been granted two back end projects by Govt. of India. The first of these is up-gradation of Mahamana Malaviya Mission Web Site to cover Pt. Madan Mohan Malaviyaji’s contribution in much larger detailsat the occasion of 150th birth centenary of Pt. Madan Mohan Malaviyaji. The second project is establishment of Malaviya Library at Malaviya Smriti Bhawan. We have been granted Rs. 22 Lacs and Rs. 39 Lacs respectively by the Ministry of Culture, Govt. of India for the two projects. We are very grateful to Govt. of India and Shri Jaiswalji for his efforts.

Web site up-gradation is progressing very well and is at the final stages. Our Secretary (Program) Shri Jai Upal along with his team has been meeting on this project at least twice a week, every week since last April 2014. Similarly Mr. Rajesh Vaish along with his team has been working hard on Library project.

Various other programs have been held during the year. Lecture meetings have been held in association with Delhi branch.

We have great strength of very many other members who are putting in very hard work selflessly, but due to paucity of time it is not possible to mention all the names here. My grateful thanks to all of them.

One unique program was organized in association with, General Secretary, Lucknow branch, Shri Govind Ram Agarwal. 19 children of Lucknow Bal Niketan Kendra, the destitute children adopted by the branch visited Delhi and stayed at Malaviya Smriti Bhawan for three days. During their stay apart from showing them around Delhi, senior members at Delhi about 20 in numbers, met these boys. One of the senior member of the group was deaf and dumb yet he was able to communicate. It was indeed heart touching to hear the story of these children and their background. Delhi General Secretary, Dr. Usha Mathur was so moved that she declared a personal donation of Rs. 50,000/- to Lucknow Bal Niketan Kendra then and there itself. Our thanks to her.

In order to give a boost to Dehradun branch, last meeting of the Central Executive with two day session was held at Dehradun. It was a grand function. We are very thankful to Dehradun General Secretary, Shri Vidhu Gairola and other Dehradun Executive committee members for the excellent arrangements made. At this occasion on the first day in the evening Dehradun branch organized a lecture meeting with our Patron Justice (Retd.) Girdhar Malaviya as chief Guest. Nearly 100 people attended the function. The function was well covered by the Media and published in all the local press.

About 30 members of the Central Executive Committee stayed at Rural Empowerment and Litigation Centre, Dehradun. The stay arrangements were excellent and food and other facilities superb. On the second day CEC meeting was held which was followed by a formal Press Conference with our Patron Shri Girdhar Malaviyaji and other CEC members. The news along with photographs were published in all the local newspapers.

Apart from other matters, one important subject of International BHU alumni meet 2016 to be held at Delhi on the occasion of BHU centenary was discussed. First formal meeting on the subject was held yesterday and the minutes shall be circulated to all the Branches for communication to concerned persons. We would welcome large scale participation in the International BHU alumni meet 2016.

Each branch is going to give its own report including the field projects being undertaken by the branch.

Last year Central Body gave grant to Lucnknow Bal Niketan Kendra, Obra School and Anpara Bal Niketan Kendra Rs. 70,000/-, Rs. 80,000/- and Rs. 1,20,000/-. The projects partially adopted by Central body of Malaviya Mission at various centres are indicated below:

1.Bal Niketan Kendra at Lucknow is housing 20 children. All expenses in upbringing, lodging, boarding, education for these children are being met by Lucknow branch.

2. Bal Niketan Kendra at Anpara Branch. Anpara has adopted 50 destitute children primarily from Adivasi, Vanvasi families in the nearby area. These children had no way they could be educated in the far and interior areas, their home villages have no facilities for schooling. With great difficulty Anpara Branch is managing expenses.

3. Obra Branch is running a school for Adivasi/ Vanvasi children of the area. This school was earlier being run by UPSEB, but they abandoned the school leaving the children deprived of education. With meagre resources our Obra branch is now providing education to 150  Adivasi/ Vanvasi children of the areaupto class VIII. MalaviyaTrust is engaged in managing two field projects at Delhi.

4. First one is Kasturba Balika Vidylaya sowing school for girls. About 600 girls of poor section of society have been trained by Malaviya Mission in last 20 years.

5. Second project is for kids of economically poor section of society at Madanpur Khadir village near Sarita Vihar, Delhi, a school called Malaviya Guldasta project being run is association with one old lady nearly 80 years Mrs. VimlaKaul. There are nearly 100 children taking advantage of this project, including formal studies for KG and Class I and informal coaching for higher classes. We are planning to fully adopt this school over a period of time.

The financial report is being separately presented by our Treasurer Shri Hari Shankar Singh.

Branch reports will be presented by respective General Secretaries of the branches.

I am very lucky to have constant guidance and support of our President Shri Bhisma Narain Singh ji, our Patrons, Justice Girdhar Malviyaji and Shri P. L. Jaiswalji, our Vice Presidents Dr. D. P. Singh and Shri Prabh Narain Srivastava. I am also thankful to Shri Shankar Tatwadiji for his guidance and support.

I am also very thankful to all Mahamana Malaviya Mission members (All branches) and especially to Central Executive members who have whole heartedly supported me. The Manager and other office staff at Malaviya Smriti Bhawan also deserve appreciation for the hard work that they put in at Malaviya Smriti Bhavan sometimes much beyond working hours.

Thank you all once again.

S. Gairola

Secretary General